कानपुर, जेएनएन। आमतौर पर जब किसी को पता लगता है कि उसका कोई परिचित, रिश्तेदार कोरोना संक्रमित हो गया है तो वह उससे दूरी बना लेता है। इलाज करवाना तो दूर फोन पर हालचाल भी नहीं लेता। हालांकि अब छत्रपति शाहू जी महाराज विवि के छात्र-छात्राएं कोरोना मरीजों के उपचार में मददगार बनेंगे। इसके लिए नॄसग व पैरामेडिकल विभाग के दूसरे, तीसरे व अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा, जब विवि के छात्रों को संक्रमितों के इलाज में लगाया जाएगा। सभी छात्र किसी वरिष्ठ चिकित्सक की देखरेख में ही काम करेंगे। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक देंगे प्रशिक्षण : छात्र-छात्राओं को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। यूनिवॢसटी इंस्टीट््यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज के प्रभारी डॉ. प्रवीण कटियार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में बात हो गई है। जल्द ही छात्रों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करा देंगे।
कानपुर, जेएनएन। जिले में कोरोना वैक्सीनेशन को युवाओं में सर्वाधिक उत्साह एवं जागरूकता है। बढ़-चढ़कर वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा लापरवाही बरत रहा है। गुरुवार को जिले से अधिकतर कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर में अव्यवस्था रही। इस वजह से वैक्सीनेशन कराने के लिए आए लोगों में अफरातफरी रही। कई सेंटरों पर वैक्सीन विलंब से पहुंची तो कई जगह वैक्सीन कम पड़ गई। इस वजह से हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। गुरुवार को कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 88 कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (सीवीसी) सेंटर बनाए गए थे। 66 सेंटर पर 45 पार के लोगों का वैक्सीनेशन होना था, जबकि 22 सेंटरों पर 18-44 वर्ष के उम्र के युवाओं को वैक्सीन लगाई जानी थी। दूसरी डोज लगवाने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे कई लोगों के कार्ड पर दूसरा नंबर दर्ज था, जबकि पोर्टल पर दूसरा नंबर, इस वजह से उन्हेंं लौटा दिया गया। इसी तरह कई सेंटरों पर पहली डोज लगवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए, जिस वजह से अव्यवस्था हो गई। वैक्सीन भी विलंग से पहुंचने से अफरातफर की स्थिति रही। हैलट अस्पताल में 12.30 बजे वैक्सीन खत्म हो गई। इसी तरह नेहरू नगर में कोवैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों को रामबाग अर्बन पीएचसी भेज दिया गया। वहां वैक्सीनेशन कराने आए लोगों का फार्म भरने वाला कोई नहीं था। ऐसे में उन्हेंं खुद ही फार्म भरना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन का कोई आंकड़ा भी जारी नहीं किया गया है। इसी तरह 22 सेंटरों पर युवाओं का वैक्सीनेशन में भी अव्यवस्था रही। वैक्सीन विलंब से पहुंची, कहीं दस बजे तो कहीं 12 बजे, जिस वजह से हंगामा भी हुआ। अपर निदेशक डॉ. जीके मिश्रा का कहना है कि वैक्सीनेशन में अव्यवस्था को लेकर जवाब तलब करेंगे।
Parshuram Jayanti 2021 जिले के रसूलाबाद स्थित परसौरा क्षेत्र भले विकास व पर्यटन के रूप में उपेक्षित है, लेकिन ऐतिहासिक दृष्टि से इस क्षेत्र बड़ी महात्म्य है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस क्षेत्र को भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। परसौरा गांव भगवान परशुराम के नाम पर ही पड़ा है। वहीं पास में उनके पिता जमदग्नि के नाम से जमथरखेड़ा क्षेत्र भी है जहां बने मंदिर में भगवान परशुराम व उनके पिता की भी मूर्ति है। यहां लोग बड़ी आस्था से शीश झुकाने आते हैं। जमदग्नि ऋषि का यह आश्रम राजस्व अभिलेखों में जमथरखेड़ा के रूप में दर्ज है। जमदग्नि आश्रम के अपभ्रंश रूप में ग्रामीण इसे जमथरखेड़ा कहते हैं। जमदग्नि ऋषि आश्रम पर बने शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग के पूजन का बहुत महत्व है। बताते हैं भगवान परशुराम के समकालीन बाणासुर शिवजी से प्रसाद रूप में तीन शिवलिंग प्राप्त कर उन्हें पृथ्वी पर स्थापित करने के लिए लाए थे। भगवान शिव ने उन्हें इस शर्त पर यह शिवलिंग दिए थे कि यह उन्हें जहां स्थापित करना है वहीं पृथ्वी पर रखें। यदि बीच में इन्हें पृथ्वी पर रख देंगे तो फिर यह वहीं स्थापित हो जाएंगे। जमदग्नि ऋषि के आश्रम के समीप उन्होंने वहां खेल रहे किशोर परशुराम को वह शिवलिंग दिए तो उन्होंने शिवलिंग ले लिए जाने पर प्रसन्न होकर यहीं स्थापित करवा दिया। दूसरा शिवलिंग कहिंजरी के महाकालेश्वर मंदिर में स्थापित है।